19+ Best Islamic & Ishq Shayari
(इस्लामिक शायरी)
रूहानी, नातिया, और अल्लाह और पैग़म्बर-ए-ﷺ की मोहब्बत में डूबे ये ख़ूबसूरत अशआर आपकी रूह को ताज़गी बख्शेंगे। ✨
वही खुदा है ☝️ जो सबकी बिगड़ी बनाता है,,
झुका ले सर तू सजदे में 🙇♂️ वो सबको आज़माता है।
तेरी रहमतों ☁️ का दरिया सरे-आम बह रहा है,
मुझे भीख मिल रही है 🤲 मेरा काम चल रहा है। ✨
ज़िक्र-ए-नबी 💚 से दिल को उजाला नसीब है,
मुझ जैसे बे-नवा को 📿 ये रुतबा नसीब है। 🌙
न पूछो मर्तबा क्या है 👑 मेरे कमली वाले का,
खुदा खुद मुन्तज़िर है अर्श 🌌 पर तशरीफ़ लाने का।
हसीन क्या है 🌸 जो देखा न हो मदीना फिर,
ज़मीं पे रह के जो देखूँ 🌍 तो अर्श सीना फिर। 🕌
मेरी तौबा की लाज रखना 🛡️ मेरे मौला,
गुनाहों की नदामत में 💧 ये आंसू बह रहे हैं।
वो तौबा की घड़ी ⏳ और अश्क-ए-नदामत,
तेरी रहमत के सदके 🤲 बख्श दे ऐ रब-ए-इबादत। 🕋
मोहब्बत मुस्तफा 💚 की वो सआदत है ज़माने में,
कि जिसकी रौशनी 💡 शामिल है ईमां के घराने में।
नसीब चमके हैं ✨ उन के जो दर-ए-रसूल पे हैं,
गदा बने हैं वही 📿 जो खुदा के मक़बूल पे हैं।
बस एक सजदा 🕋 जो तू शौक़ से अदा कर दे,
तेरी हयात की उलझन 🌿 खुदा रवा कर दे।
मदीने की तड़प 🕌 और याद-ए-जानाँ साथ चलती है,
मुसाफ़िर राह-ए-हक़ का हो 🛣️ तो मंज़िल साथ चलती है।
खुदा की ज़ात पे ✨ तवक्कुल जिसे हो जाता है,
ज़माना झुकता है 🌍 सजदे में वो जब जाता है। 🙇♂️
रबी-उल-अव्वल का चाँद 🌙 जब भी मुस्कुराता है,
ज़माना मुस्तफा 💚 के आने की खुशियाँ मनाता है। 🎉
सुकून-ए-क़ल्ब ❤️ अगर चाहो तो नाम-ए-मुस्तफा ले लो,
दो आलम की सआदत 🌏 का ज़रा तुम रास्ता ले लो।
मेरी किस्मत जगाने को ✨ तेरा एक नाम काफी है,
अँधेरे घर में चमके 🏠 जो वो माह-ए-तमाम काफी है। 🌕
दुआ 🤲 जब अर्श पे जाकर असर दिखाने लगती है,
खुदा की रहमतें ☁️ बंदे को गले लगाने लगती हैं।
नज़र में है मदीना 🕌 और लबों पे ज़िक्र-ए-इलाही,
यही है मोमिन की मेराज 📜 और सच्ची गवाही। ✅
जिसे मिल जाए निस्बत 🤝 शाहे-दीं की आल से,
वो अपनी आक़िबत ⚖️ की हर फिक्र से आज़ाद हो जाए। 🕊️
जहाँ में शान-ए-रिसालत ✨ का कोई सानी नहीं मिलता,
किसी को मुस्तफा 💚 जैसा कोई जानी नहीं मिलता।
झुका ले सर को चौखट पर 🕋 इसी में तेरी इज़्ज़त है,
मदीने की गली पाना ही 🌿 असल में जन्नत है। 🕌